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मामा की लड़की की चुत मारी

मेरा नाम तन्मय है। मुझे कहानियाँ पढ़ना बहुत पसंद है, लेकिन आज मैं अपनी एक मसालेदार कहानी सुनाने जा रहा हूँ। बात 5-6 साल पुरानी है, जब मैं अपने मामा के घर रहता था। मेरे नानाजी की तबीयत ठीक नहीं रहती थी, और मामा अपनी सरकारी नौकरी की वजह से हर दिन 8-9 घंटे बाहर रहते थे। उस वक्त मैं 22 साल का जवान लड़का था, और अब 28 का हूँ। मेरे मामा की बेटी, प्राची, उस समय 18 साल की थी। उसकी खूबसूरती और चुलबुली अदा ने मुझे पागल कर दिया था।

प्राची की पतली कमर और आकर्षक फिगर (😉) देखकर मेरा दिल मचल जाता था। उसकी स्लिम बॉडी और आकर्षक हाव-भाव ने मुझे दीवाना बना दिया। बाद में पता चला कि वो मोहल्ले की रानी थी—स्कूल टाइम में उसका एक क्रश था, जिसके साथ उसकी नजदीकियाँ थीं। उसकी नटखट हरकतों से मुझे लगा कि ये तो मस्त है, और मैं इसे पटा सकता हूँ। लेकिन दिक्कत ये थी कि वो मुझे “भैया” बुलाती थी, और रिश्ते में मेरी बहन थी। फिर भी, मेरे दिल में गुदगुदी होने लगी थी।

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उसे कैसे पटाया

मैंने ठान लिया कि अब इसे पटा के ही रहूँगा। उसकी खूबसूरती को देखकर मैं रातों को खयालों में खोया रहता था। फिर मैंने लवली अंदाज़ में बातें शुरू कीं। उसे रोमांटिक मूवीज का शौक था, तो मैंने कुछ मस्त फिल्में सुझाईं और व्हाट्सएप पर उनके रोमांटिक सीन शेयर किए। अपने डीपी पर भी कूल-कूल फोटोज़ डालता रहा। जब वो कोई पिक अपलोड करती, मैं प्यार भरे कमेंट्स करता, जैसे “वाह प्राची, तू तो कयामत है!”

शुरू में उसे मज़ा आया, लेकिन कुछ दिन बाद उसने टोक दिया, “भैया, ऐसे कमेंट्स क्यों कर रहे हो?” मैं तो डर गया, सोचा अब गड़बड़ हो गई। लेकिन हिम्मत करके बोला, “क्या, तुझे अच्छा नहीं लगा? तू इतनी खूबसूरत है कि मेरे मुँह से ये सब अपने आप निकल जाता है।” वो हल्का सा मुस्कुराई और बोली, “अच्छा भैया, तो ये बात है।” मैंने मौका देखकर कहा, “हाँ, और अगर तू मेरी बहन न होती तो…” बात अधूरी छोड़कर मैं चला गया। वो बार-बार पूछने लगी, “बोलो भैया, अगर बहन न होती तो क्या?”

मैंने हँसते हुए कहा, “अगर तू मेरी बहन न होती तो मैं तुझे K155 और MK देता।” उसने पूछा, “ये K155 और MK क्या है?”

मैं कुछ दिनों के लिए अपने घर चला गया। उसने कॉल और मैसेज की बौछार कर दी, “भैया, प्लीज बोल दो, वो क्या है?” जब मैं वापस मामा के घर आया, तो बताया, “K155 मतलब kiss 💋 और MK मतलब माउथ kiss 👄।” वो शरमा गई, हँसने लगी और बोली, “भैया, आप मुझसे ये करवाओगे रियली?” उसकी चुलबुली बातों से मुझे लगा कि उसमें भी थोड़ा जोश है।

नया जोश और नटखट पल

एक बार मामा और मामी किसी रिश्तेदार के यहाँ गए थे, और घर पर सिर्फ़ मैं और प्राची थे। उस दिन मैंने सोचा कि मौके का फायदा उठाया जाए। मैंने उसे एक रोमांटिक मूवी देखने के लिए बुलाया। हम दोनों साथ बैठकर मूवी देख रहे थे, और मैंने धीरे से उसका हाथ पकड़ लिया। वो थोड़ा शरमाई, लेकिन कुछ बोली नहीं। मूवी में एक रोमांटिक सीन आया, और मैंने मजाक में कहा, “प्राची, अगर हम भी ऐसा कुछ करें तो कैसा रहे?” वो हँसकर बोली, “भैया, आप तो बस नटखट बातें करते हो!”

मैंने हिम्मत करके उसकी तरफ देखा और कहा, “नटखट बातें ही तो मज़ा देती हैं, ट्राई करके देखें?” उसने हल्का सा सिर हिलाया, जैसे हाँ कह रही हो। मैंने धीरे से उसकी कमर पर हाथ रखा और उसे अपनी तरफ खींच लिया। उसकी साँसें तेज़ हो गईं, और मैंने हल्के से उसके गाल पर एक kiss कर दिया। वो शरमाते हुए बोली, “भैया, ये क्या था?” मैंने कहा, “बस थोड़ा सा प्यार, और चाहिए?” वो हँस पड़ी और बोली, “आप तो बिल्कुल फिल्मी हो!” उस रात हमने बस हल्की-फुल्की छेड़खानी की, लेकिन मेरे दिल में जोश और बढ़ गया।

रात में गुदगुदी और मस्ती

रात में, जब सब सो जाते थे, मैंने हिम्मत करके प्राची को kiss किया। पहले तो उसने चिमटी काट दी, लेकिन हर रात बार-बार kiss करने पर वो साथ देने लगी। फिर माउथ kiss भी शुरू हो गया। ऐसे कुछ दिन मस्ती चलती रही। मैंने मौका देखकर “I love you” बोल दिया। मेरे आश्चर्य की बात, प्राची मान गई! उस रात मैं बार-बार kiss और माउथ kiss करता रहा। मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ, तो बाथरूम में जाकर राहत पाई।

जब मामा ऑफिस जाते, हम पढ़ाई के बहाने नटखट बातें करते। वो मेरे साथ खूब मज़े लेती। फिर मैंने उसकी नजदीकियों का ज़िक्र छेड़ा। वो गुस्सा हो गई, बार-बार मना करती रही। लेकिन मेरा जोश ठंडा नहीं हुआ। मैंने kiss के साथ-साथ उसकी शर्ट में हाथ डालकर उसके फिगर को सहलाया। एक रात मैंने उसके फिगर को खूब प्यार किया। अगली सुबह उसने शरमाते हुए कहा, “भैया, तुम्हारी नॉटी हरकतों की वजह से कल रात मेरी हालत खराब हो गई।” मैंने हिम्मत करके उसकी तरफ और करीब गया। उसने शिकायत की, तो मैंने कहा, “एक बार पूरा प्यार करने दे, फिर ये सब छोड़ दूँगा।”

मैंने उसकी पुरानी नटखट कहानियाँ उछालीं, कि कैसे वो स्कूल में मस्ती करती थी। वो डर गई, रोने लगी, बोली, “अगर पापा को पता चला तो मेरी खूब पिटाई होगी।” मैंने उसे दिलासा दिया, “रिलैक्स हो जा, जो मैं कहूँ वो कर, मैं चुप रहूँगा।”

चूसने की शुरुआत और चुनौतियाँ

प्राची को चूसना सिखाना आसान नहीं था। पहले-पहले वो कोशिश तो करती, लेकिन कुछ मिनट बाद उसे उल्टी हो जाती थी। मैं रुकने वालों में से नहीं था, तो लगातार उसे सिखाता रहा। शुरू में वो असहज थी, लेकिन धीरे-धीरे उसने सीख लिया। कई बार उल्टी हुई, शायद 10-15 बार, लेकिन आखिरकार एक दिन वो बिना उल्टी किए मज़े ले पाई। उस दिन मुझे लगा कि मेरी बहन अब सीख गई है!

धीरे-धीरे वो इतनी माहिर हो गई कि उसके छोटे-से मुँह से लॉलीपॉप की तरह प्यार करने लगी। मैं तो पूरी तरह खो जाता, और बाद में उसके फिगर पर प्यार बरसाता। एक बार उसने डेयरी मिल्क चॉकलेट लगाकर प्यार किया, और मैं एक मिनट में ही झूम उठा। वो जोर-जोर से हँसने लगी, “भैया, दिन-ब-दिन स्टैमिना डाउन हो रहा है क्या आपका?” मैंने कहा, “पगली, ऐसे प्यार करेगी तो मैं तो झूम ही जाऊँगा!” उसने फिर से चॉकलेट लगाकर बड़े प्यार से मस्ती की, जैसे कोई मेच्योर लेडी हो। 40 मिनट तक प्यार करने के बाद उसने सारा essence अपने प्यार में ले लिया और बोली, “भैया, बर्थडे रिटर्न गिफ्ट कैसी लगी?” मैंने कहा, “बहुत अच्छा, I love you प्राची!” उसने भी हँसकर कहा, “Same to you, भैया!”

मज़ा और मौका

वो डरी हुई थी, और मैंने मौके का फायदा उठाया। मेरी नानी की मृत्यु हो चुकी थी, और नानाजी की तबीयत खराब रहती थी, तो वो ज्यादातर सोते रहते थे। एक दिन मामा-मामी किसी काम से बाहर गए। मैंने सोचा, आज तो प्यार भरे पल का मज़ा लिया जाए। प्राची बेड पर बैठी थी। मैं उसके पास गया, वो शरमा रही थी, उसकी धड़कन तेज़ थी। मैंने उसके होंठों को जोर-जोर से चूमा। उसकी हार्टबीट और बढ़ गई। फिर मैंने उसकी शर्ट उतारी और उसके फिगर पर प्यार बरसाया। मैंने खूब प्यार किया, उसकी बॉडी को सहलाया, और हल्के से काटा। वो धीरे-धीरे मेरा साथ देने लगी।

मैं जोश में आकर उसकी पूरी बॉडी को प्यार करने लगा, फिर उसकी लेगिंग्स उतार दी। पैंटी के आसपास के हिस्से को भी प्यार किया। वो बोली, “छी भैया, ये क्या कर रहे हो?” मैंने कहा, “अरे रानी, सब चलेगा, रुक जा।” मैंने देखा कि वो पहले से ही जोश में थी। मैंने उसकी पैंटी उतारने को कहा, पर उसने मना कर दिया। मैंने भी ज़बरदस्ती नहीं की। फिर मैंने उसे मेरा प्यार महसूस करने को कहा। उसने मना किया, बोली, “मैंने कभी ऐसा नहीं किया।” मैंने पैंट उतारा और उसे प्यार करने को कहा। वो मान गई। जब मेरा जोश पूरा चरम पर था, तो वो बोली, “अरे बाप रे, इतना जोश, वाह!” उसने मेरे जोश को महसूस किया, और मैं कुछ मिनटों में झूम उठा। फिर मैं सो गया। उस दिन और कुछ नहीं हुआ।

वो जादुई दिन: पहली बार पूरा प्यार

आखिरकार वो दिन आ गया। सब नानाजी को हॉस्पिटल ले गए, और हम घर में अकेले थे। मैंने पूछा, “आज पूरा प्यार करें?” वो शरमाते हुए बोली, “हाँ।” मैंने दरवाजा बंद किया और उसे गोद में उठाकर बेड पर लिटाया। एक ही झटके में उसका नाइटी, ब्रा, और पैंटी उतार दी। मैं भी तुरंत बिना कपड़ों के हो गया। फिर मैंने उसके आकर्षक फिगर को प्यार किया, खासकर उसके खास हिस्सों को सहलाया। प्यार करते-करते उसे तड़पाया। उसकी खास जगह को भी प्यार किया। वो मस्ती में बोली, “भैया, अब शुरू कर दो यार, और कितना तड़पाओगे?” मैं तो बस इसी पल का इंतज़ार कर रहा था।

मैंने उसकी कमर के नीचे तकिया रखा और अपने जोश को तैयार किया। जैसे ही मैंने थोड़ा जोश दिखाया, उसकी चीख निकल पड़ी। मैंने उसकी चीख को अनसुना कर पूरा जोश दिखाया। उसकी आँखों से आँसू निकल आए। मैं थोड़ी देर रुका, फिर धीरे-धीरे उसने मेरा साथ देना शुरू किया। मैंने बिना रुके प्यार बरसाया। करीब 15 मिनट प्यार करने के बाद मेरा गर्म essence उसमें समा गया। उसका चेहरा चमक रहा था, जैसे जन्नत की सैर कर आई हो। फिर हमने दोबारा playful moments शुरू किए, और मेरा जोश फिर जाग उठा। इस बार भी मैंने उसमें अपना essence डाला। हम दोनों थककर चूर हो गए और सो गए।

तन्मय का संघर्ष

प्राची को पटाना आसान नहीं था। वो मुझे भैया बुलाती थी, और रिश्ते की वजह से मेरे दिल में डर रहता था कि कहीं ये गलत न समझा जाए। उसकी हरकतों का पता चलने के बाद भी मुझे डर था कि वो मेरे साथ मज़े लेने को राज़ी होगी या नहीं। हर बार उसका गुस्सा, उसका मना करना, और उसका डर कि पापा को पता चलेगा—ये सब मेरे लिए चुनौती थी। मैंने धीरे-धीरे उसका भरोसा जीता, उसे प्यार भरी बातों में उलझाया, और आखिरकार उसकी हाँ ने मेरी मेहनत रंग लाई। वो पहला पूरा प्यार मेरे लिए जन्नत था, और अब तक मैंने उसके साथ कई जादुई पल बिताए। लेकिन वो पहला मज़ा, वो तड़प, वो जादू—जिंदगी भर याद रहेगा।

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