राहुल अंदर आया और मुझे देखकर उसकी आंखें चमक उठी। उसने मेरे चुचीओ को पकड़कर कहा काव्या आज तो मौका एकदम मस्त है, मैं उसकी हरकत पर सनसना गई। उसने दरवाजा बंद किया और मुझे गोद में उठाकर बोला तुम्हारे चुचीओ तो कड़क है रानी। आज तो रप्पा रप्पा का मज़ा ले ही लूँगा मैंने हंसते हुए कहा अरे राहुल जल्दी कर कहीं विक्की भैया ना आ जाए वो बोला डर मत मेरा लंड छोटा है, दर्द नहीं होगा। उसने मेरी चुत को सहलाया और हंसकर कहा। हाय, पैंटी नहीं, ये तो जादू शुरू होने से पहले ही तैयार है। मैं पहले से ही जोश में थी। सोचा जब तक विक्की भैया नहीं आते, राहुल से थोड़ा मज़ा ले लिया जाए। उसने मुझे बेड पर लिटाया और अपने कपड़े उतारने लगा। बिना कपड़ों के होकर बोला काव्या, अब देख मज़ा उसने मेरा हाथ अपने लंड पर रखा। मैंने पकड़ा तो देखा उसका लंड छोटा सा था जैसे कोई खिलौना मैंने हंसकर कहा राहुल ये तो छोटा सा डंडा है। जल्दी से जादू दिखा, वो मेरी टांगों के बीच आया और चुत पर अपना लंड रखकर धक्का मारा। थोड़ा सा अंदर गया। फिर उसने तीन चार धक्के मारकर पूरा डाल दिया। मैं मस्ती में बोली राहुल।और ज़ोर से ये तो बस टिक टिक कर रहा है।
वो हंसते हुए तेजी से धक्के मारने लगा। उसका छोटा लंड बुरमें सटासट चल रहा था। पहली बार रप्पा रप्पा का मज़ा ले रही थी और ऐसा लग रहा था जैसे मैं जन्नत की सैर कर रही हूँ। 10 मिनट बाद राहुल मेरे चुचीओ पर लुढ़क गया और हाफने लगा। उसके लंड से गर्म गर्म लावा बुर में गिरने लगा। मैं भी मस्ती में चिपक गई और बुर भी टपकने लगी। थोड़ी देर बाद वो कपड़े पहन कर चला गया। बुर चिपचिपी हो गई थी। मैंने सोचा राहुल ने तो बस हल्का सा रप्पा रप्पा किया पर मज़ा तो आया। मैंने पैंटी पहन लिए और सोचने लगी कि अगर राहुल के छोटे लंड से इतना मज़ा आया तो विक्की भैया का जादू कितना धमाकेदार होगा?
तभी दरवाजा खुला और विक्की भैया अंदर आए। फिर आगे क्या क्या होता है वह हम इस वीडियो में जायेंगे। चलिए वीडियो शुरू करते हैं दोस्तों मेरा नाम काव्या है और मैं 20 साल की हो चुकी हूँ।औरत मर्द के रिश्तों की बातें में समझने लगी थी पर मेरे मोहल्ले ने मुझे ऐसा मसाला दिया कि अब मैं हर पल मस्ती में डूबी रहती हूँ। मेरे घर के बगल में रहता था हमारा पड़ोसी विक्की भैया 22 साल का जवान चुलबुला और थोड़ा सा नटखट विक्की भैया की हरकतें ऐसी थी कि मोहल्ले की हर लड़की उनके पीछे पागल थी। वो हमेशा अपने बाइक के हॉर्न को ज़ोर ज़ोर से बजाते और इशारे करके कहते काव्या एक राउंड हो जाए, मज़ा आएगा मैं हंसकर टाल देती थी पर उनकी शरारतें मेरे दिल में गुदगुदी पैदा करती थी। एक बार मैंने उन्हें मेरी मम्मी के साथ बाजार में मस्ती करते देखा जब वह मम्मी के लिए फल आए और बोले। आंटी ये चुचीओ आपके लिए कड़क और रसीले मम्मी हंस पड़ी थी और मैंने सोचा ये विक्की भैया का जादू क्या है?
1 दिन मम्मी पापा को अचानक मेरे चाचा की शादी के लिए गांव जाना पड़ा। मम्मी ने कहा काव्या हम 2 दिन के लिए जा रहे हैं तो घर संभाल विक्की को बोल देना कुछ चाहिए तो वह मदद कर देगा।मैंने मन ही मन सोचा यह तो मौका है विक्की भैया के जादू का राज़ जानने का मम्मी पापा चले गए और मैं घर में अकेली थी। मैंने अपनी फ्रॉक डाली, पैंटी उतार दिए और सोचने लगी की विक्की भैया के साथ थोड़ी मस्ती हो जाए। मैंने अपनी चुत को ऊँगली से थोड़ा तैयार करने का सोचा।ताकि जादू शुरू होने से पहले सब कुछ परफेक्ट हो। तभी दरवाजे पर खटखट हुई। मैंने ऊँगली चलाते हुए पूछा कौन है?
जवाब आया मैं हूँ राहुल राहुल का नाम सुनकर मेरी बॉडी में बिजली सी दौड़ गई। राहुल मोहल्ले का दूसरा नटखट लड़का था 21 साल का जो हमेशा मुझे चिढ़ाता था।वो कभी मेरे चुचीओ को छूने की कोशिश करता तो कभी मेरे पीछे वाली गुफा पर हल्का सा हाथ फेरकर कहता काव्या रानी, बस एक बार मौका दे जन्नत दिखा दूं मैं उसे हर बार टाल देती थी, पर आज मेरी बॉडी में कुछ और ही जोश था। मैंने बिना नीचे वाले कपड़ों के ही दरवाजा खोल दिया। राहुल अंदर आया और मुझे देखकर उसकी आंखें चमक उठी। उसने मेरे चुचीओ को पकड़कर कहा, काव्या आज तो मौका एकदम मस्त है,
मैं उसकी हरकत पर सनसना गई। उसने दरवाजा बंद किया और मुझे गोद में उठाकर बोला तुम्हारे चुचीओ तो कड़क है रानी आज तो रप्पा रप्पा का मज़ा ले ही लूँगा। मैंने हंसते हुए कहा अरे राहुल जल्दी कर कहीं विक्की भैया ना आ जाए।वो बोला डर मत मेरा लंड छोटा है, दर्द नहीं होगा। उसने मेरी पीछे वाली गुफा को सहलाया और हंसकर कहा हाय पैंटी नहीं, यह तो जादू शुरू होने से पहले ही तैयार है। मैं पहले से ही जोश में थी, सोचा जब तक विक्की भैया नहीं आते, राहुल से थोड़ा मज़ा ले लिया जाए।उसने मुझे बेड पर लेटाया और अपने कपड़े उतारने लगा बिना कपड़ों के होकर बोला काव्या अब देख मज़ा उसने मेरा हाथ अपने लंड पर रखा, मैंने पकड़ा तो देखा उसका लंड छोटा सा था जैसे कोई खिलौना मैंने हंसकर कहा राहुल ये तो छोटा सा डंडा है, जल्दी से ज्यादा दिखा।वो मेरी टांगों के बीच आया और बुर पर अपना लंड रख कर धक्का मारा।
थोड़ा सा अंदर गया।फिर उसने तीन चार धक्के मारकर पूरा डाल दिया। मैं मस्ती में बोली राहुल और ज़ोर से यह तो बस टिक टिक कर रहा है। वह हंसते हुए तेजी से धक्के मारने लगा। उसका छोटा लंड बुर में सटासट चल रहा था। पहली बार रप्पा रप्पा का मज़ा ले रही थी।और ऐसा लग रहा था जैसे मैं जन्नत की सैर कर रही हूँ। 10 मिनट बाद राहुल मेरे चुचीओ पर लुढ़क गया और हाफने लगा। उसके लंड से गर्म गर्म लावा बुर में गिरने लगा। मैं भी मस्ती में चिपक गई और बुर भी टपकने लगी। थोड़ी देर बाद वो कपड़े पहन कर चला गया।बुर चिपचिपी हो गई थी। मैंने सोचा, राहुल ने तो बस हल्का सा रप्पा रप्पा किया पर मज़ा तो आया। मैंने पैंटी पहन लिए और सोचने लगी कि अगर राहुल के छोटे लंड से इतना मज़ा आया तो विक्की भैया का जादू कितना धमाकेदार होगा?
तभी दरवाजा खुला और विक्की भैया अंदर आए। वो मेरे कड़क चुचीओ ं को फ्रॉक के ऊपर से पकड़ते हुए बोले काव्या अब मैं तुझे असली जादू दिखाता हूँ, मैंने चौंक कर कहा विक्की भैया आप तो रात को आने वाले थे, वो हंसे।जब मम्मी पापा नहीं है तो हर वक्त राधी है चल मेरे साथ छत पर एक जादुई क्रीम लाया हूँ। मैं समझ गई कि विक्की भैया को एक बड़ी शरारत करने वाले हैं। मैंने क्रीम और तौलिया लिया और उनके साथ छत पर चली गई। वहाँ विक्की भैया ने मेरे चुचीओ को प्यार से दबाया और बोले। काव्या, ये चुचीओ तो एकदम रसीले हैं, पर अभी छोटे हैं। मैंने मासूम बनते हुए कहा भैया मम्मी के तो खरबूजे जैसे बड़े हैं मेरे छोटे क्यों वो हंसे, चिंता मत कर, मैं इन्हें मम्मी जैसे बड़े कर दूंगा।फिर उन्होंने मेरी फ्रॉक के अंदर हाथ डाला और बिना ऊपरी छोटे कपड़ों के मेरे चुचीओ को मसलने लगे। मैं मस्ती में बोली भैया ये क्या जादू है, गजब का मज़ा आ रहा है। वो बोले असली जादू तो अब होगा कपड़े उतार कर बिना कपड़ों के बैठ मज़ा तिगुना हो जाएगा।मैंने फ्रॉक उतार दी और बिना कपड़ों की छत की कुर्सी पर बैठ गई। बुर के हल्के हल्के बाल विक्की भैया को साफ दिख रहे थे। वो मेरी गुलाबी कली को सहलाते हुए बोले काव्या तुम्हारी चुत तो जवान हो गई है, मैं सनसना गई।उन्होंने क्रीम ली और बुर को चिकना करने लगे। उनका अंगूठा अंदर गया तो मेरी बॉडी गनगना उठी। फिर उन्होंने अंगूठा निकाला और उस पर लगे रस को देखकर बोले काव्या ये क्या पहले से कोई जादू कर गया है?
मैं घबरा कर बोली नहीं भैया ये तो शायद आपके मसलने से हुआ। वो हंसे और बोले, लगता है तुम्हारी चुत ने पानी छोड़ दिया लो, तौलिया से साफ कर लो। मैंने तौलिया लिया और रगड़कर साफ किया। फिर विक्की भैया मेरे सामने आए और उनका मोटा लंड मेरी आँखों के सामने फुदकने लगा।मैंने उसे पकड़ कर कहा भैया ये तो राहुल के डंडे से दोगुना मोटा है। वो बोले काव्या असली मज़ा तो मोटे लंड से ही आता है। मैंने डरते हुए कहा पर बुर छोटी है, फट जाएगी। वो हंसे पगली, एक बार जादू हो जाए, फिर तू रोज़ मज़ा मांगेगी। उन्होंने मेरी टांगे फैलाई और बुर को चाटना शुरू किया। उनकी जीभ मेरी गुलाबी कली पर चल रही थी और मैं मस्ती में तड़प रही थी।
राहुल ने तो बस हल्का सा रप्पा रप्पा किया था, पर विक्की भैया तो जादूगर थे। कुछ देर बाद उन्होंने अपने लंड को बुर पर रगड़ा और धीरे से अंदर डाला।आधा लंड गया तो मैं चिल्लाई भैया धीरे यह तो बहुत मोटा हैं। वो रुके और मेरे चुचीओ को मसलने लगे। थोड़ी देर बाद दर्द कम हुआ और मैंने कहा अब ज़ोर से जादू करो। विक्की भैया ने धक्के मारने शुरू किए और उनका लंड बुर में पूरा समा गया। मज़ा ऐसा था कि मैं नीचे से पीछे वाली गुफा उछालने लगी। 20 मिनट बाद उनके लंड से गर्म लावा बुर में गिरने लगा और मैं भी टपकने लगी। हम दोनों एक साथ झर गए। सुबह उठकर मैंने विक्की भैया से कहा भैया आज फिर जादू करेंगे, वो हंसे काव्या रानी। अब तो मैं रोज़ जादूगर बनूँगा, मैंने कहा पर मम्मी पापा आ गए तो वो बोले उनके लिए एक जादू कर दूंगा फिर तुझसे रात को छत पर मज़ा लूँगा और इस तरह मैं विक्की भैया के साथ रोज़ जादूई रातें मनाने लगी।